Retire Young Retire Rich Complete Book Summary In Hindi

Retire Young Retire Rich About Book

Retire Young Retire Rich Book दो लफ़्ज़ों में

अमीर तो हर कोई बनना चाहता है लेकिन इस मुकाम को कुछ ही लोग हासिल कर पाते है . कई लोग शुरुवाती दौर में सफल हो भी जाते हैं तो सक्सेस को मेन्टेन ( maintain ) नहीं कर पाते .

सक्सेस पाना और उसे maintain करना दोनों ही एक कला है और जिसनें ये कला सीख ली वो यंग ऐज में रिटायर हो सकता है और रिटायरमेंट के बाद भी एक बेहतरीन ज़िन्दगी जी सकता है .

इस किताब के जरिये लेखक रोबर्ट कियोसकी ( Robert Kiyosaki ) बिज़नस के कुछ ऐसे गुर सिखाना चाहते हैं जिससे आप जल्द से जल्द ज्यादा से ज्यादा प्रॉफिट कमा कर उस ऐज में रिटायर हो सकते हैं जिसमें कई लोग अभी अपने पैरों पर खड़ा होना शुरू ही करते है . आईये इस summary के जरिये जानते हैं Robert Kioski के इस बेहतरीन रिटायरमेंट प्लान के बारे में .

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ये किताब किसके लिए है ?

  • एस्पायरिंग इंटरप्रेन्योर्स ( aspiring entrepreneurs ) के लिए .
  • अपना बिज़नस एस्टेब्लिश ( establish ) करने का सपना देखने वाले .
  • जो लोग इन्वेस्टमेंट या रियल एस्टेट की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं .
  • जो लोग अपने छोटे से बिज़नस को बड़े लेवल पर ले जाना चाहते हैं .
  • यंग ऐज में रिटायर होने की इच्छा रखने वाले यंगस्टर्स के लिए .

लेखक के बारे में

हवाई में जन्मे और पले बड़े रोबर्ट कियोसकी ( Robert Kiyosaki ) सात देशों में चलने वाली इंटरनेशनल एजुकेशन कंपनी रिच डैड के मालिक है | अपनी यंग ऐज में रिटायरमेंट का मजा ले रहे Robert Kiyosaki अब वही करते हैं जो उन्हें बेहद पसंद है यानी इन्वेस्टिंग ( investing ) |

दुनिया में अमीरों और गरीबों के बीच की बढती खाई से को लेकर वो बचपन से ही परेशान रहा करते थे और यही उनकी इंस्पिरेशन का सोर्स बना और उन्होंने कैशफ्लो ( cashflow ) जैसा गेम और रिच डैड सीरीज जैसी फाइनेंसियल ज्ञान से भरी किताबें लिखी |

एक जिम्मेदार पत्नी और तीन बच्चों की माँ शेरोन एल | लेचटर ( Sharon L| Lechter ) सीपीए ( CPA ) नाम के कंसल्टेशन इंडस्ट्री की ओनर है | इसके साथ हीं शेरोनरिच डैड सीरीज की कई बुक्स की को – ऑथर रही है | उनकी लाइफ का मेन एम ( aim ) उन लोगों की मदद करना है जो अपने फाइनेंसियल सपनों को पूरा करना चाहते हैं और उसके लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं |

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कैसे आप यंग ऐज में रिटायर होकर भी अमीर बने रह सकते हैं ?

जब भी कोई गरीबी की ज़मीन से अमीरी के आसमान में उड़ने के ख्वाब देखता है तो या तो लोग ये कहकर उसकी उड़ान रोक देते हैं कि इसमें सारी उम्र चली जाएगी या फिर उसे ये बोलकर डरा देते हैं कि ये बहुत रिस्की है और वो औंधे मुह गिरेगा |

बस इसलिए जो ज़मीन पर हैं वो हमेशा ज़मीन पर रह जाते हैं | इसी बात से परेशान होकर ऑथर में ज़मीन से आसमान का सफ़र तय करने का रास्ता ढूँढनिकालने की ठानी |

अपनी लाइफ के एक्सपीरियंस से उन्होंने जाना कि अमीरी और गरीबी का फासला केवल सही माइंडसेट का है | हमारा माइंडसेट ही हमारा कैशफ्लोडिसाइडकरता है और सही कैशफ्लो से ही हम अमीरी के आसमान का चमकता सितारा बन सकते हैं |

हमारे माइंड में बहुत ताकत है अगर हम ठान लें और कोई सही दिशा दिखाने वाला मिल जाए तो ये सफ़र इतना मुश्किल भी नही जितना दुनिया इसे बना देती है |

इस किताब के जरिये लेखक Robert kioski आपको फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट के कुछ ऐसे टिप्स एंड ट्रिक्स सिखायेंगे जिससे रिच होने के लिए आपको पूरी उम्र काम करने की जरुरत नहीं पड़ेगी |

तो आईये देखते कैसे आप यंग ऐज में ना सिर्फ अमीर बन सकते हैं बल्कि रिटायर होने के वाबजूद भी उम्र भर रिच बने रह सकते हैं | चाहे आपकी शुरुवात जीरो से ही क्यूँ ना हुयी हो तब भी आप अपनी लाइफ में बहुत कुछ कर सकते हैं |

इसलिए Robert Kioski हमेशा कहते हैं कि स्टार्ट स्माल एंड ड्रीम बिग यानी चाहे आपकी । शुरुवात कितनी ही छोटी क्यूँ ना हो लेकिन सपने बड़े होने चाहिए |

तो चलिए शुरू करते हैं !

वैसे तो इस दुनिया में हर कोई पैसे कमाने में लगा है पर ज्यादातर लोगफाइनेंसियली सर्वाइव करने पर ही फोकस करते हैं और उसी में खुश हो जाते हैं बहुत कम ही ऐसे लोग है जो सही मायनों में फाइनेंसियली इंडिपेंडेंट होने के गोल को लेकर चलते हैं|

फाइनेंसियली सर्वाइव करने का मतलब है कमाना , खर्च करना और फिर कमाना वहीं फाइनेंसियल इंडिपेंडेंस का मतलब है कमाने और खर्च करने की इस कभी ना रुकने वाली साइकिल से खुद को आजादी दिलाना |

जब तक आप इस साइकिल से नहीं छुटेंगे तब तक आप रिटायर होने की सोच भी नहीं सकते | यानी यंग ऐज में रिटायर होने के लिए सबसे पहले फाइनेंसियली इंडिपेंडेंट होना जरुरी है |

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लेकिन 40 साल की उम्र में इंडिपेंडेंट होना थोडा इम्पॉसिबल ( impossible ) साउंड करता है | लेकिन robert kioski ने इसे पॉसिबल कर दिखाया है |

लेखक कहते हैं यंग और अमीर रिटायर होने के लिए सबसे पहले राईट माइंडसेट की जरुरत है |

जरा सोचें वो कौनसी दो चीजें है जो हमें सही डायरेक्शन में काम करने से रोकती है | जी हाँ आलस और सेल्फ – डाउट |

अगर आप आलसीहैं तो आप कुछ ना करने का कोई न कोई बहाना ढूँढ ही लेंगे जैसे इसमें बहुत रिस्क है , इसके लिए इन्वेस्टमेंट चाहिए , ये मुझसे नही हो पायेगा |

वहीं अगर आप सेल्फ डाउट में हैं तब भी आप कोई भी अगला कदम उठाने से पहले इतनी बार सोचेंगे की तब तक अपोयूँनिटी ( opportunity ) आपके हाथ से निकल जाएगी |

अगर आप यंग में वो सब हासिल करना चाहते जिसका सपना दुनिया देखती है तो आपको सोचना छोड़कर एक्शन लेना शुरू करना होगा |

अपने गोल सेट करें , शॉर्ट टर्म प्लानिंग करें जिनपर आप आज और अभी से काम शुरू कर सकते है | आपके सर पर जूनून होना चहिये |

आपका काम आपका पैशन होना चाहिए तभी आप आलस और सेल्फ डाउट से बाहर निकल सकते हैं वरना ये बेड़ियाँ आपको उम्र भर जकड़ी रहेंगी और आप 60 साल के बाद भी काम ही करते रह जायेंगे |

एक छोटी सी कहानी से इसे समझते हैं एक बहुत बड़े रेस्टोरेंट के नीचे एक छोटी सी चाय की टपरी थी | टी स्टाल के मालिक का सपना था कि उसका भी एक दिन इतना ही बड़ा रेस्टोरेंट हो |

वहीं रेस्टोरेंट के मालिक को वो अपने खानदानी विरासत के रूप में मिला था | टी स्टाल वाले को जितना खुद पर भरोसा था रेस्टोरेंट के नए मालिक को उतना ही सेक्फ़ डाउट |

इसी तरह पाँच साल बीतगए और टी स्टाल वाले ने पैसे जमा करके एक छोटा सा होटल खोला | वहीं रेस्टोरेंट वाले नेंना कोई नयी पालिसी लाई न कुछ नया काम किया बस डाउट में रह गया कि क्या काम करेगा और क्या नहीं |

उसनें सब कुछ अपने स्टाफ के भरोसे छोड़ दिया | देखते ही देखते उसका रेस्टोरेंट घाटे में चलने लगा और उसे बंद करने की नौबत आ गयी वही टी स्टाल वाले का अब अपना एक ढाबा था जिसे शेहर में काफी लोग जानते थे |

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तो देखा कैसे सेल्फ डाउट और कुछ ना करने के कारण आप अर्श से फर्श पर आ सकते हैं वहीं अपने काम को पैशन मानकर और खुद पर भरोसा रखें तो आप कामयाबी की बुलंदियाँ भी छू सकते हैं |

आप जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी रिटायर होने कि कोशिश करें

क्या इस समरी को पढ़ते हुए आप सोच रहे हैं कि मैं तो अपने अर्ली 30 में हूँ अब तो शायद इसके लिए लेट हो गया |

लेकिन हम आपको बता दें कि robert kioski कहते हैं कि आपको एक बिज़नस एस्टेब्लिश करके रिटायर होने के लिए केवल 10 से 12 साल चाहिए |

लेकिन इसके लिए आपको लाइफ के प्रति आपके attitude को पॉजिटिव रखना होगा | जो टाइम बीत गया और जो हो चुका उसके लिए बैठ कर अफ़सोस करने का कोई फायदा नहीं |

जो बात मायने रखती है वो ये है कि आपने अपने past और उसमें की हुयी गलतियों से क्या सीखा | जो लोग एक ही गलती लाइफ में बार – बार दोहराते हैं वो कभी आगे नहीं बढ़ पाते |

अगर आप अर्ली रिटायरमेंट चाहते हैं तो आपको लाइफ की हर मिस्टेक और फेलियर के प्रति अपने नज़रिए को बदलना होगा उसे गलती की तरह नहीं बल्कि एक सीख की तरह याद रखें |

दूसरी जरुरी बात ये समझना है कि आपको अर्ली रिटायरमेंट की जरुरत क्यूँ है | कई लोगों से जब आप अर्ली रिटायरमेंट की बात करेंगे तो वो कहेंगे कि इतनी जल्दी रिटायर होकर करना ही क्या है |

जब आप अपने करियर के पीक पर होते हैं तो रिटायरमेंट का फैसला लेना काफी कठिन होता है | लेकिन एक बात हमेशा याद रखें कि पैसा और शोहरत के साथ – साथ लाइफ की मेमोरीज और रिलेशनशिपकी भी उतनी ही इम्पोर्टेस है |

ये सफ़र आपका है और आपकी ख़ुशी केलिए है इसलिए आपसे बढकर कुछ भी नही | वो पैसा ही क्या जो अपनी पूरी लाइफ देकर मिले |

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अपने काम के साथ – साथ अपने लिए और जिनसे आप प्यार करते हैं उनके लिए टाइम निकालना भी जरुरी है | अगर आप जल्दी रिटायर हो गए तो ज़िन्दगी को एक अलग तरीके से जी सकते हैं |

जिसमें आप हों आपका परिवार और आपकी आजादी | रही बात कि रिटायरमेंट के बाद क्या करना है तो इसका जवाब है रिटायरमेंट का मतलब एक नयी शुरुवात जिसमें आप वो सब कर सकते हैं जिनसे आपको प्यार है जैसे कोई एडवेंचर आपकी हॉबीज और वो सब जो आप पैसों के लिए नहीं बल्कि अपनी ख़ुशी के लिए करेंगे |

कई लोग सोचते हैं कि अगर वो अपने लिए या अपने परिवार के लिए एक्स्ट्रा टाइम निकालते हैं तो उनका काम सफ़र ( suffer ) करता है जबकि असल में होता उसका उल्टा है क्यूंकि हम जब अपने परिवार और काम के बीच बैलेंस बनाकर चलते हैं तो सबकुछ शांत रहता है और हम मेंटली और फिजिकली फिट महसूस करते हैं जिससे हमारा फोकस बढ़ता है और जो काम 2 घंटे में होना था वो 1 घंटे में हो जाता है |

वहीं अगर आपके घर में कोईप्रॉब्लम है तो आपके लेवल ऑफ़ कंसंट्रेशन पर उसका असर होगा जिससे आप उसी काम को करने में दुगना टाइम लगायेंगे |

यानी लाइफ केवल पैसा कमा कर अमीर बनने के बारे में नही है | एक इंसान सक्सेसफुल तभी कहलाता है जब उसके पास फाइनेंसियल फ्रीडम के साथ – साथ फॅमिली , हेल्थ और मेंटल वेल बीइंग ( well – being ) भी हो | इन सबको हासिल करने के लिए यंग ऐज में रिटायर होना बहुत जरुरी है |

ऑथर में अर्ली रिटायरमेंट का सफ़र कैसे तय किया ?

Robert Kiosaki कहते हैं कि उन्होंने जल्दी रिटायर होने के लिए डेब्ट का इस्तेमाल किया | रोबर्ट के poor डैड हमेशा कहते हैं कि स्कूल जाओ , अच्छे से पढाई करो , एक सिक्योर्ड जॉब ढूँढो और उम्र भर काम करके पैसे बचाओ |

उनके लेसंस से भी लाइफ शायद आसान होती लेकिन वो जो कहते हैं अक्सर खुद ही भूल जाते हैं हम सिक्योर्ड जॉब तो ढूँढ लेते हैं लेकिन साथ में ऐसी चीज़ों के लिए डेब्ट लेते हैं जो हमारे लिए ऐसेट की जगह लायबलिटी बन जाते हैं |

और यहीं से शुरू होता है डेब्ट भरने का कभी ना ख़त्म होने वाला सफ़र जिसमें फँस कर हमें मरने तक काम करना पड़ता है |

वहीं रोबर्ट के रिच डैड कहते हैं कि अपने पैसों के इस्तेमाल से अमीर बनने की जगह दूसरों के पैसों से अमीर बनो यानी डेब्ट से लेकिन याद रहे कि वो गुड डेब्ट होना चाहिए |

अब ये गुड डेब्ट क्या होता है ? सोचिये अगर आपने 10 % इंटरेस्टके साथ बैंक से लोन लिया और उसे रियल एस्टेट में कुछ इस तरह इन्वेस्ट किया कि आपको 25 % रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट मिल रहा है तो आप 15 % के फायेदे में रहेंगे जो कि आपके लिए पैसिव इनकम की तरह काम करेगी और आपके कैशफ्लो को मेन्टेन रखेगी |

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लेखक नें एक उदाहरण के साथ अपनी बात समझाई है | उनके साथ के घर में एक कपल रहता था जो 57 साल की ऐज में रिटायर हुएथे , जबकि रोबर्ट उनके मुकाबले 12 साल पहले और उनकी पत्नी किम ( Kim ) 19 साल पहले ही रिटायर हो गए |

उस कपल ने अपना रिटायरमेंट इक्विटी ( equity ) यानि स्टॉक मार्केट के जरिये फण्ड किया था जबकि रोबर्ट और उनकी पत्नी में लेवरेज ( leverage ) की मदद से अपना रिटायरमेंट फण्ड किया था |

चूँकि बैंक स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने के लिए लोन नहीं देता इसलिए उस कपल को खुद मेहनत करके पैसे कमाने पड़े जबकि kioski कपल को रियल स्टेट में इन्वेस्ट करने के लिए बैंक से लोन मिल गया जिसके कारण वो जल्दी रिटायर हो पाए |

रोबर्ट कहते हैं कि हम सब जानते हैं कि रिटायर होने के लिए आपको 1 मिलियन डॉलर की जरुरत होती है अब आपके पास दो रास्ते हैं या तो आप सारा जीवन लगा कर 1 मिलियन बचाओ या 1 मिलियन का डेब्ट लेकर उसे हाई रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट पर लगाओ |

लेकिन आपको एकदम से कोई भी बैंक 1 मिलियन का डेब्ट तो नहीं देगी इसलिए धीरे – धीरे आपको अपनी क्रेडिब्लिटीबढ़ानी पड़ेगी |

पैसों की दुनिया में दो टर्न्स बहुत इम्पोर्टेन्ट हैं पहला कैश फ्लो और दूसरा लेवरेज ( leverage ) अगर आप जल्दी अमीर बनाना चाहते हैं तो आपको लेवरेज का इस्तेमाल करना सीखना होगा |

rich , poor और middle क्लास के बीच का डिफरेंस इसी बात से बनता है कि वो अपने लेवरेज को कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं |

ये लेवरेज ही है जिसनें किम और रोबर्ट को फाइनेंसियल फ्रीडम दिलाई ना कि हार्ड वर्क नें | अगर केवल हार्ड वर्क से कोई अमीर बनता तो सबसे ज्यादा अमीर सड़क पर काम करने वाला मजदूर होता |

आप कैसे जल्दी रिटायर हो सकते हैं ?

अगर आप भी रोबर्ट ( Robert ) की तरह जल्दी और अमीर रिटायर होना चाहते हैं तो इसके लिए जरुरी है कि आप लेवरेज वर्ड की इम्पोर्टस को समझें |

लेवरेज ही वो रास्ता है जिससे आप कम में भी ज्यादा फायेदा ले सकते हैं | अमीर वही बनता है जो फाइनेंसियल लेवरेज का सहारा लेता है|

गरीब फिजिकल लेवरेज और मिडिल क्लास मेंटल लेवरेज का सहारा लेते हैं वो हमेशा फाइनेंसियल लेवरेज के इस्तेमाल से डरते रहते हैं और उम्र भर उनके लिए काम करते हैं जो इसीलेवरेज के सहारे अमीर बनते हैं |

ऐसा इसलिए क्यूंकि मिडिल क्लास का माइंड सेट उन्हें हमेशा यही कहता है कि लेवरेज रिस्की है |

पर लेवरेज लेते समय सावधानी रखना और उसे लेने से पहले अच्छे से उसके हर पहलू को समझना बहुत जरुरी है नहीं तो आपकी जीत का इक्का ही आपको गेम में हरा भी सकता हैं |

robert में डेब्ट का सहारा लेकर ऐसेट्स ( assests ) इक्कठा किये जबकि कई लोग equity की मदद से ऐसेट्स ( assests ) बनाते हैं जिसमें बहुत टाइम लगता है और लेखक कहते हैं कि टाइम से बड़ा कुछ नहीं |

poor mindset की सबसे अजीब बात ये है कि वो लेवरेज की मदद से ऐसेट कमा ने को तो रिस्की मानते हैं लेकिन उसी लेवरेज से कार और घर जैसी लायबलिटी इक्कठा करने में उन्हें कोई परहेज़ नहीं होता |

जबकि रोबर्ट और किम ने डेब्ट का इस्तेमाल ऐसेट यानी बिज़नस एस्टेब्लिश करने के लिया |

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इसके साथ – साथ लेखक कहते हैं कि आपको लेवरेज के अलग अलग फॉर्म जैसे हेल्थ , एजुकेशन और रिलेशनशिप का भी पूरा ध्यान रखना है क्यूंकि इनके बिना आप कुछ नही|

अमीर वही बनता है जो कम से कम काम करके भी ज्यादा से ज्यादालेवरेज ऐड करता रहता है | जैसे एजुकेशन को ही ले लें एक मिडिल क्लास यही सोचता है कि डिग्री मिल गयी जॉब मिल गया बस हो गया , जबकि एक रिच ये समझता है कि सीखने की कोई उम्र नही होती वो पूरी उम्र सीखता रहता है |

ये उसके एजुकेशन का लेवरेज है कि उसनें बड़ी यूनिवर्सिटी में जाकर लाखों खर्च नहीं किये बल्कि सेल्फ एजुकेशन ली यानी काम इन्वेस्टमेंट में ज्यादा रिटर्न |

रिच डैड कहते हैं कि अगर आपने इस मिलियन डॉलर सवाल का जवाब ढूँढ लिया तो अमीर बनने का रास्ता आपको मिल जायेगा |

वो सवाल है कि ‘ मैं कम से कम काम करके ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए कुछ कैसे कर सकता हूँ वो भी बाकियों से कम प्राइस पर ? ‘

आपके माइंड का लेवरेज

लाइफ का सबसे इम्पोर्टेन्ट लेसन जो रोबर्ट में अपने रिच डैड से सीखा वो ये हैं कि ‘ हम जो सोचते हैं वही बन जाते है , इसलिए आपकी सोच का दायरा हमेशा बड़ा होना चाहिए |

एक poor डैड को आप कुछ ऐसी चीज़ लेने को कहेंगे जो उनकी पहुंच से बाहर है तो वो कहेंगे मैं इसे अफ्फोर्ड ( afford ) नहीं कर सकता |

वहीं रिच डैड मानते हैं कि ऐसा कहने से आप उस चीज़ को पाने की सभी संभावनायें ख़त्म कर देते हैं |

एक रिच थिंकिंग वाले डैड के पास चाहे पैसे ना हों फिर भी अगर आप उनसे कहेंगे कि आपको हवाई आइलैंड में एक प्रॉपर्टी चाहिए तो वो कहेंगे ‘ हाँ बिलकुल मैं कोशिश करूँगा ‘ |

इसी बात को याद रखते हुए रोबर्ट और उनकी पत्नी किम नें भी लाइफ में कई बार अपने सोच के दायरे को बढ़ा कर काम करने की कोशिश की और उन्होंने वो भी हासिल कर लिया जो लगभग इम्पॉसिबल सा था |

अपनी सोच को बड़ा रख कर काम करने को रोबर्ट में लेवरेज ऑफ़ माइंड का नाम दिया है | जहाँ एक ओर एक मिडिल क्लास हमेशा स्मार्ट मूव और रिस्की मूव के बीच फैसला लेता हैं वहीं एक रिच हमेशा रिस्क वर्सेज रिटर्न को देखता है |

अगर किसी काम में रिस्क है लेकिन उसका रिटर्न काफी अच्छा है तो वो उसे करने में जरा भी नही कतराते | बस आपको भी अपनी सोच रिस्क और नो रिस्कसे निकाल कर रिस्क वर्सेज रिटर्न पर लानी है क्यूंकि रिस्क तो लाइफ की हर चीज़ में है |

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आपको जो रिस्की लगता है क्या वो सच में उतना रिस्की है ?

हमें बचपन से सिखाया जाता है कि ये सिक्योर है और ये रिस्की , लेकिन जो गरीब और मिडिल क्लास के लिए रिस्की होता है वही अमीर लोगों के लिए सिक्योर होता है |

इस लेसन के जरिये रोबर्ट हमें बताते हैं कि कैसे हमें अमीर बनने के लिए अपनी सोच को ही नहीं बल्कि रिस्की और सिक्योर के पूरे कांसेप्ट को बदलना होगा |

मिडिल क्लास वाले सोचते हैं कि जॉब सिक्योर हैं और बिज़नस रिस्की जबकि अमीर लोग इसका उल्टा सोचते हैं , मिडिल क्लास को सेविंग सिक्योर लगता है इन्वेस्टमेंट रिस्की और अमीर लोग इन्वेस्टमेंट को ही सिक्योर मानते हैं |

इसी तरह हमारे मन में हमेशा ये बात रहती है कि अमीर लोग लालची और मतलबी होते वो केवल खुद के बारे में सोचते हैं और बिना किसी का शोषण किए कोई अमीर नहीं बनसकता|

जबकि रोबर्ट के रिच डैड कहते हैं कि अमीर बनने के लिए जेंटल और दयालु होना सबसे जरुरी है |

ये गलत कांसेप्ट हमेशा हमारी कामयाबी को रोक देते हैं और अमीर बनते हुए हमें एक अजीब सा गिल्ट ( guilt ) होने लगता है जैसे हम किसी का हक़ छीन रहे हैं जबकि ऐसा कुछ नहीं है |

बरसों से चली आ रही इस गलत धारणा को अपनी सोच से हटाये बिना आप अमीर नही बन पाएंगे | तो अब शायद आप समझ गये होंगे कि जिसे आज तक आप रिस्की समझ रहे थे असल में वो उतना रिस्की नही है |

रिच बनने का फास्टेस्ट तरीका , कम काम करके ज्यादा कमाएं

क्या आप जानते हैं रोबर्ट के रिच डैड अमीर , अमीर और अमीर कैसे बनते जाते हैं क्यूंकि उन्हें पता है कि उन्हें किस तरह कि इनकम पर फोकस करना है | जबकि poor डैड और गरीब होते जाते हैं क्यूंकि उनका फोकस गलत इनकम और बैड डेब्ट की तरफ होता है |

रिच डैड इनकम को तीन टाइप्स में डिवाइड करते हैं पहला अर्नड इनकम ( earned income ) यानी वो इनकम जिसे हम मेहनत करके कमाते हैं , पोर्टफोलियो इनकम यानी वो इनकम जो हम पेपर एसेट्स ( assests ) यानी इन्वेस्टमेंट से कमाते हैं , और तीसरा है पैसिव इनकम जिसे हम अपने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज या रियल एस्टेट से कमाते हैं |

Poor और मिडिल क्लास की मेन इनकम अर्नड इनकम ( earned income ) से होती हैं जबकि रिच क्लास की इनकम पोर्टफोलियो और पैसिव इनकम से होती है |

अर्नड इनकम ( earned income ) में पहला नुक्सान ये है कि उसे कमाने के लिए आपको लगातार काम करते रहना पड़ेगा और दूसरा नुक्सान ये कि उसपर आपको अच्छा खासा टैक्स भी देना पड़ेगा वहीं पोर्टफोलियो इनकम और पैसिव इनकम में मेहनत भी कम है और उपसर टैक्स भी कम देना पड़ता है | यानी कम काम में ज्यादा इनकम |

रिच बनने के फ़ास्ट ट्रैक पर चलने के लिए आपको अपनी आज तक कि सोच को 360 डिग्री का टर्न देना होगा | ये कुछ ऐसा है जैसे आज तक आप राईट हैंड से खाते थे और अचानक आपको कोई लेफ्ट से खाने को कहे |

ये सब बातें कहना आसान है लेकिन करना मुश्किल | लेकिन याद रखें कि आप गरीब पैदा हुए इसमें आपकी कोई गलती नहीं लेकिन अगर आप गरीब मरते है तो इसमें 100 % आपकी हीं गलती है |

आपका प्लान कितना फ़ास्ट है ?

आप कितनी जल्दी रिटायर होते हैं ये इस बात पर डिपेंड करता है कि आपका प्लान कितना फ़ास्ट है | इसके लिए सबसे पहले आपको खुले दिमाग से ये तय करना होगा कि आप अपने आपको रिटायरमेंट के समय कैसा देखना चाहते हैं एक मिडिल क्लास की तरह , अमीर की तरह या बहुत अमीर की तरह |

अगर आप एक मिडिल क्लास की तरह रिटायर होना चाहते हैं तो बेशक आप अपनी सोच में धीरे – धीरे बदलाव लाकर इन्वेस्टमेंट जैसी स्ट्रेटेजी को फॉलो कर सकते हैं | लेकीन अगर आप अमीर या बहुत अमीर बनना चाहते हैं तो आपको फ़ास्ट ट्रैक ट्रेन पकडनी होगी |

इसके लिए आपको किसी की स्ट्रेटेजीकरने की जरुरत नहीं बल्कि अपनी खुद की स्ट्रेटेजी बनाएं क्यूंकि हर एक कि सिचुएशन अलग होती है और आपकी सिचुएशन के लिए कब क्या सही रहेगा वो आपसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता |

लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अपनी सोच बदलने में ज्यादा समय वेस्ट ना करें आप खुले माइंड से सबकुछ करें तभी आप फ़ास्ट ट्रेन में सवार हो पाएंगे वरना ट्रेन आपके प्लेटफार्म से निकल जाएगी |


अपने फ्यूचर को बेहतर बनाने का काम आज और अभी शुरू करें कल पर कुछ ना छोडें | अपने ब्रेन को रिच बनने के लिए ट्यून करें उसके लिए जरुरी है कि आप फ़ास्ट सोचें , फ़ास्ट एक्शन लें और फ़ास्ट वर्ड्स का इस्तेमाल करें जैसे कैश फ्लो , मेक मनी , डेप्रिसिएशन , गेन कंट्रोल साथ ही स्लो वर्ड्स जैसे हाई पेइंग जॉब , एप्रिसिएशन , सेविंग , रिस्की इन सबका इस्तेमाल कम से कम करें | क्यूंकि आज आप जो करेंगे वही आपका कल बनेगा |

अमीर बनने में काम आने वाले लेवरेज

Leverage of Integrity- इस पार्ट में लेखक ने वर्ड्स की ताकत पर फोकस किया है | वो कहते हैं कि वर्ड्स हमारे मुँह से निकलने वाले साउंड से कहीं ज्यादा है ये हमारे लाइफ में बहुत मायने रखते हैं | आपकी लाइफ का सबसे डिस्ट्रक्टिव वर्ड है टुमौरो ( Tommorow ) यानी कल |

ये कल जब तक आपकी मेमोरी में रहेगा आप आज पर फोकस नहीं कर पाएंगे और सक्सेस के लिए जरुरी है आज | इसलिए कल को अपनी डिक्शनरी से बाहर कर दीजिये क्यूंकि कल हारने वालों का शब्द है जबकि आज जीतने वालों का |

दूसरी बात ये कि आपको अपने वर्ड्स और एक्शन में इंटीग्रिटी मेन्टेन रखनी है ऐसा नहीं कि आप कहते तो कुछ और हैं लेकिन आपके एक्शन में नही झलकता तो आप कभी सक्सेसफुल नही हो पाएंगे |

तीसरी बात कि आपको लाइफ में यंग और रिच रिटायर होने के लिए बड़ी – बड़ी डेफिनिशन ( definition ) याद करने की जरुरत नहीं बस एक रेशिओ ( ratio ) समझने की जरुरत है वो है वेल्थ रेशिओ ( ratio ) |

वेल्थ रेशिओ ( ratio ) = पैसिव इनकम + पोर्टफोलियो इनकम / टोटल एक्स्पेंसेस

जब आपका वेल्थ रेशिओ ( ratio ) 1 से ऊपर आ जायेगा तो समझिये कि आप एक कम्फ़र्टेबल रिटायरमेंट ले सकते हैं | ये आपकी लाइफ के फाइनेंसियल आस्पेक्ट का सबसे इम्पोर्टेन्ट रेशिओ ( ratio ) है |

लेवरेज ऑफ़ फैरीटेल्स- कई बार जब हम लाइफ में अटक जाते हैं तो हम किस्से और कहानियों की मदद ले सकते हैं | यूँ तो हमें ये बताया जाता है कि कहानियाँ सच नहीं होती लेकिन अगर आपके इरादों में दम हो तो जरुर होती है आपको बस उस प्यासे कौएजैसा खुद पर भरोसा रखते हुए पानी को अपने पास तक लाने के तरीका ढूँढना है |

आपकी आदतों का लेवरेज

आपका माइंड सेट जितना इम्पोर्टेन्ट है उतना ही इम्पोर्टेन्ट है आपकी आदतें | आपकी आदतें जैसी होंगी आपका फ्यूचर वैसा हीं होगा लेखक ने कुछ ऐसी आदतें बताई हैं जिन्हें अपनाकर आप फ़ास्ट ट्रैक रिच बनने की प्रोसेस का हिस्सा बन सकते हैं |

• अपने लिए एक बुक कीपर रखें- अपने डेब्ट , इन्वेस्टमेंट , प्रॉफिट एंड लॉस ( loss ) का पूरा हिसाब किताब रखने के लिए एक बुक कीपर जरुर हायर करें | क्यूंकि वो आपके पैसों से इमोशनली अटैच्ड नहीं रहेगा और आपको सही सलाह देगा | उसकी सैलरी पर किया गया छोटा सा इन्वेस्टमेंट आपको लाखों के नुक्सान से बचा सकता है |
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• अपने लिए एक विनिंग टीम तैयार करें- आज का युग टेक्नोलॉजी का है और इसमें सर्वाइव करने के लिए आपको हर फील्ड में एक्सपरटाइज की जरुरत पड़ती है जो कि पॉसिबल नहीं तो अपने लिए एक्सपर्ट्स की एक टीम तैयार करें , जिनसे आप सबकुछ शेयर करके उनकीएक्सपर्ट सलाह ले सकें |

• अपने सोच और समझ को बढाते रहे- जैसे – जैसे आप लाइफ में आगे बढ़ते जायेंगे आपको अपनी सिचुएशन के हिसाब से अपनी सोच और समझ को बढ़ाना जरुरी है ताकि आपकी प्रोग्रेस रुक ना जाये |

• अपने आपको अपडेट करते रहे

• फेल होने के लिए हमेशा तैयार रहें |

• अपने मन की आवाज़ सुनें

खुद से हमेशा पॉजिटिव बातें करें | उसके बारे में सोचें जो आप हासिल करना चाहते हैं और जो आप नहीं करना चाहते उसे भूल जायें |

Retire Young Retire Rich Conclusion | कुल मिलाकर

Robert Kioski के रिच डैड से इस किताब के जरिये हमने यंग ऐज में रिटायर क्यूँ होना है और कैसे होना है उसके बारे में सीखा |

हमने जाना कैसे आप यंग ऐज में अमीर रिटायर हो सकते हैं और हमेशा अमीर बने रह सकते है |

रिच डैड कहते हैं कि अपने आपको पेचेक ( pay check ) के चक्कर से आज़ाद रखें , अपना फोकस पोर्टफोलियो और पैसिव इनकम पर बनाये रखें | अपने माइंड सेट और अपनी आदतों में बदलाव लायें ताकि आपका दिमाग रिच बनने के लिए ट्यून हो सके |

Robert Kioski कहते हैं कि रिच होने के लिए हाईअकेडमिक IQ होने से ज्यादा हाई फाइनेंसियल IQ होना जरुरी है |

आलस और पुरानी पुअर डैड वाली सोच को छोडिये और आजऔर अभी अपनी लाइफ में एक नया बदलाव लाने के लिए तैयार हो जाईये क्यूंकि कल की तैयारी आज से शुरू होती है और जो आप सोचते हैं वही बन जाते हैं |

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