Chanakya Niti Full Book Summary In Hindi | Chanakya Niti Part-1

चाणक्य निति | कैसा आदमी साँप के ज़हर और बिच्छु के डंक से ज़्यादा ज़हरीला होता है | Part-1

दोस्तों चाणक्य को Indian History का सबसे intelligent diplomat माना जाता है । वह एक बहुत बड़े विद्वान, दार्शनिक, कूटनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री थे |

चाणक्य की शिक्षाओं का वर्णन उनके द्वारा लिखित अर्थशास्त्र में किया गया है और आज भी कई सारे Universities के syllabus में “अर्थशास्त्र” को शामिल किया जाता है । मौर्य राजवंश को स्थापित करने में और चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बनाने में आचार्य चाणक्य की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका थी |

Chanakya Niti Quote
Chanankya Nitit 

 

चाणक्य नालंदा विश्वविद्यालय में एक महान आचार्य थे और उन्होंने एक ग्रंथ लिखा “चाणक्य नीति” जिसमें 17 अध्याय हैं और उन अध्यायों में बहुत सी नीतियाँ हैं | फ्रेंड्स इस वीडियो में हम आचार्य चाणक्य के कुछ Important और Interesting नीतियों को discuss करेंगे | तो आइये  शुरुआत करते हैं आचार्य चाणक्य के पहले कथन से |

Table of Contents

A person should not be too honest. Straight trees are cut first and honest people are screwed first.

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को ज्यादा ईमानदार नहीं होना चाहिए क्योंकि सीधे वृक्ष सबसे पहले काटे जाते हैं और ईमानदार व्यक्ति सबसे पहले मारे जाते हैं | 

फ्रेंड्स यहां आचार्य चाणक्य इस कथन के माध्यम से यह कहना चाहते हैं कि व्यक्ति को ज्यादा ईमानदार नहीं होना चाहिए क्योंकि यह दुनिया छल कपट से भरी हुई है |  

दुनिया में ज्यादातर लोग तब तक कोई गलत काम नहीं कर सकते जब तक उन्हें ऐसा करने का मौका नहीं मिलता |  

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ईमानदार व्यक्ति सभी लोगों से ईमानदारी से व्यवहार करता है परंतु छल कपट करने वाले  लोग सबसे पहले ईमानदार व्यक्ति को ही धोखा देते हैं |  

यहां आचार्य चाणक्य यह नहीं कह रहे कि हमें इमानदारी के पथ पर नहीं चलना चाहिए |  उनके कहने का मतलब यह है कि हमें छल-कपट करने वाले लोगों के साथ इमानदारी नहीं बरतनी चाहिए और उनके साथ कोई लेन देन नहीं करना चाहिए क्योंकि वह हमें कभी भी धोखा दे सकते हैं | 

दूसरी ओर  हमें अपने  माता पिता, समाज, अपने देश, सरकार और ईमानदार लोगो के प्रति ज़रूर ईमानदार रहना चाहिए |

 

The biggest guru-mantra is: Never share your secrets with anybody. If you cannot keep a secret with you, do not expect that others will keep it? It will destroy you.

 

आचार्य चाणक्य ने इस कथन में हमें सबसे बड़ा गुरु मंत्र बताया है|  वह कहते हैं हमें अपने Secrets कभी किसी को नहीं बताने चाहिए | 

अगर आप अपने Secrets अपने पास गुप्त नहीं रख सकते तो दूसरों से यह उम्मीद ना करें कि वो उसे गुप्त रखेंगे | अपने Secrets दूसरों को बताने की आदत आपको बर्बाद कर सकती है |


प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि वह अपनी गुप्त बातें किसी ना किसी दोस्त है या किसी करीबी रिश्तेदार के साथ  शेयर करें | 

 

Chanakya Niti Book Image
Chanakya Nitit Book Image

 

कुछ लोग दोस्तों पर विश्वास करके अपनी गुप्त  बातें उन्हें बता देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वह उनके Secrets और किसी को  नहीं बताएंगे | 

लेकिन सभी दोस्त या रिश्तेदार भरोसे के लायक नहीं होते और आप के Secrets दूसरे लोगों को बता देते हैं | 

ऐसा करने से वो दूसरे  लोगों में आप  के खिलाफ Negativity फैलाते हैं  और आप के Secrets का इस्तेमाल आप को नुकसान पहुंचाने के लिए कर सकते हैं | 

अगर आप अपने साथ काम करने वाले लोगों से अपने boss के बारे में बात करते हैं  तो उनमें से कोई यह बात आपके boss  को बता सकता है जिससे आपको नुकसान हो सकता है | 

इसलिए जरूरी है कि आप अपने Secrets सिर्फ अपने तक ही सीमित रखें |

 

Do not reveal what you have thought upon doing, but by wise counsel keep it secret being determined to carry it into execution.

 

इस बात को व्यक्त मत होने दीजिये कि आपने क्या करने के लिए सोचा है, बुद्धिमानी से इसे रहस्य बनाये रखिये और इस काम को करने के लिए दृढ रहिये | 

फ्रेंड्स इस कथन में आचार्य चाणक्य हमें बताते हैं कि हमें अपने Goals सभी लोगों को नहीं बताना चाहिए | 

आप कौन सा काम करने वाले हैं कभी किसी को ना बताएं  क्योंकि ऐसा करने से आपके Competitors आपके काम में अड़चने पैदा कर सकते हैं |

आपसे Jealous feel करने वाले लोग आपके काम को रोक सकते हैं क्योंकि वह नहीं चाहते कि आप किसी भी काम में सफल हो | 

आप जो भी काम शुरू करना चाहते हैं, सबसे पहले उसकी पूरी जानकारी हासिल करें | उसके बाद उस काम को शुरू कर दें और उसमें Successful होने के लिए लगातार मेहनत करते रहें |  

जब आप उस काम में Successful होंगे तो लोगों को अपने आप पता चल जाएगा कि आप क्या काम करते हैं |

 

There is some self-interest behind every friendship. There is no friendship without self-interests. This is a bitter truth.

आचार्य चाणक्य ने हमें बताया है कि हर मित्रता के पीछे कोई ना कोई self-interest होता है| ऐसी कोई मित्रता नहीं जिसमे self-interest ना हो | 

और यह एक कड़वा सच है| ज्यादातर लोग अपने स्वार्थ के लिए आपसे मित्रता करते हैं | जब आप नए मित्र बनाते हैं तो आप को यह पता नहीं चलता कि उस मित्रता के पीछे उनका क्या स्वार्थ है | 

अगर आप थोड़ा ध्यान देंगे तो आपको यह पता चल जाएगा कि आपके मित्र आपसे क्या चाहते हैं और धीरे-धीरे उनका self-interest आपके सामने आ जाएगा |  

हमें लोगों से मित्रता तो करनी चाहिए लेकिन उनके स्वार्थ का भी ध्यान रखना चाहिए | हमें सोच-समझकर अच्छे लोगों से मित्रता करनी चाहिए और किसी पर बहुत अधिक विश्वास नहीं करना चाहिए | 

अधिक विश्वास करने के कारण हम अपने मित्रों को अपने Secrets बता देते हैं जिसका वह फायदा उठा सकते हैं और हमें नुकसान पहुंचा सकते हैं|

Never make friends with people who are above or below you in status. Such friendships will never give you any happiness.

 

कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठित हों | ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी | 

अगर आप अपने से ज्यादा प्रतिष्ठित लोगों से मित्रता करेंगे या उनके साथ ज्यादा रहेंगे तो इससे आप में हीन भावना उत्पन्न हो सकती है क्योंकि आपकी सोच और रहन-सहन  उनके साथ नहीं मिलेंगे | 

ज़्यादा प्रतिष्ठित लोग खुले विचारों वाले होते हैं और हमेशा बड़े स्तर  पर काम करते हैं | दूसरी ओर यदि आप अपने से कम प्रतिष्ठित लोगों से मित्रता करेंगे तो उनके साथ भी आपके विचार नहीं मिलेंगे क्योंकि कम प्रतिष्ठित लोग छोटी छोटी बातों पर ज़्यादा ध्यान देते हैं और छोटे स्तर पर ही काम करते हैं | 

आप चाहें भी तो उनके साथ आपके विचार नहीं मिल सकते | आचार्य चाणक्य हमें बताते हैं कि हमें सदा अपने से बराबर की प्रतिष्ठा वाले लोगों से ही मित्रता करनी चाहिए |

 

Avoid him who talks sweetly before you, but tries to ruin you behind your back for he is like a pitcher full of poison with milk on top.

जो आपके सामने मीठी मीठी बातें करता है और आपकी पीठ पीछे आपकी बुराई करता है,  उससे दूर रहें,  ऐसे व्यक्ति जहर से भरे हुए घड़े की तरह होते हैं जिसके ऊपर दूध की परत हो |

आचार्य चाणक्य इस कथन में कहते हैं कि हमें ऐसे व्यक्ति से दूर रहना चाहिए जो आपके सामने मीठी-मीठी बातें करता है और पीठ पीछे आपकी बुराई करता है |  

ऐसा व्यक्ति दूसरों के सामने आपकी बुराई करता है जिससे लोगों की नजरों में आप की छवि खराब होती है | 

आपको ऐसे व्यक्ति से दूर रहना चाहिए क्योंकि वह आपको कभी भी धोखा दे सकता है | जब आप ऐसे व्यक्ति से दूर रहेंगे तो वह आपके बारे में दूसरे लोगों से बात नहीं करेगा और ना ही उसे आपको धोखा देने का मौका मिलेगा | पीठ पीछे बुराई करने वाले व्यक्ति को सभी लोगों के साथ कोई ना कोई समस्या जरूर होती है | इसलिए ऐसे लोगों से कभी दोस्ती नहीं करनी चाहिए |

 

Wealth is one of the most significant factors in life. It brings you honour, supports you, and makes you capable of dealing with calamities.

गुरु चाणक्य ने कहा है कि धन जीवन के सबसे important factors में से एक है | यह आपको सम्मान दिलाता है, आपको support देता है और आपको किसी भी अनहोनी से निपटने में सक्षम बनाता है | 

जीवन जीने के लिए एक इंसान को हर कदम पर धन की जरुरत होती हैं | चाहे वह खाने की चीजें हो, रहने के लिए घर हो या पहनने के लिए कपड़े | 

धन हर चीज के लिए जरूरी है | इंसान हमेशा से ही सामाजिक जीव रहा हैं और इस समाज में जिस व्यक्ति के पास जितना ज्यादा धन है, लोग उनकी उतनी ज्यादा इज़्ज़त करते हैं । 

और इसी वजह से हमारे समाज को तीन classes में बाँटा जाता है   जैसे कि upper class, middle class और lower class | इंसान के बुरे समय में धन उसके सबसे ज्यादा काम आता है जैसे कि अगर कोई बुरी तरह से बीमार हो तो उसके इलाज के लिए भी आपको धन चाहिए | 

अगर आप किसी हादसे का शिकार बनते हैं तो उससे बचने के लिए भी आपको धन की आवश्यकता होगी |

 

If you have an evil person on one side a snake at the other; better opt for the snake as it will bite only for self-defense but the wicked person will not spare any chance of hurting you.

अगर आपके एक तरफ एक बुरा व्यक्ति हो और दूसरी तरफ एक सांप हो तो आप बेझिझक उस सांप को ही चुन लीजिए | 

क्योंकि अगर वह सांप आपके ऊपर हमला करें तो वह अपने Self defense में करेगा, पर एक बुरा आदमी आप को चोट पहुंचाने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा | एक चीज जो इंसान को सभी प्राणियों से अलग करती है, वह है उसके सोचने की क्षमता | 

इंसान की सोच दो तरह की होती हैं कुछ अच्छे और कुछ बुरे | जो लोग हमेशा बुरी सोच में डूबे रहते है, उनकी बस एक ही ख़्वाहिश होती है कि वह कैसे अपने आसपास के लोगों को नुकसान पहुंचाए | 

इसलिए यदि आप एक बुरे या दुष्ट इंसान को अपने साथ रखते हैं तो वह बार – बार  आपको चोट पहुँचाएगा ।

Even if a snake is not poisonous, it should pretend to be venomous.

गुरु चाणक्य ने कहा है कि अगर कोई सांप जहरीला ना भी हो फिर भी उसे दिखाना चाहिए कि उसमें जहर है | 

आमतौर पर जो ताक़तवर होते हैं, वह हमेशा कमजोर पर अपनी ताकत दिखाते हैं | इससे हमें एक सीख मिलती है | 

कमजोर होने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अपनी कमज़ोरी किसी के सामने आने मत दें | क्यों कि अगर किसी को जरा सी भी आपकी कमज़ोरी की भनक लग जाए तो वह आपको नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा | 

इसलिये भले ही आप कमजोर हो, लेकिन अगर कोई आपको नीचा दिखाये या अपनी ताकत ताकत दिखाये तो पूरे साहस के साथ उसका विरोध करे | 

इससे सामनेवाले का मनोबल टुट जायेगा, और ऐसा भी हो सकता है कि अगली बार वह आपसे कभी उलझे ही ना |

There are two ways to deal with wicked people and thorns. One is to crush them under your boot and the other is to stay away from them.

आचार्य चाणक्य के अनुसार बुरे लोग और काँटो से बचने के सिर्फ दो ही तरीके हैं | या तो उनको पैरों तले कुचल दें या उनसे दूर रहें | 

चाणक्य की यह बातें हमारे जीवन में काफी महत्व रखती हैं |  बुरे लोग और कांटे एक जैसे ही होते हैं | इन दोनों का धर्म एक जैसा ही है | 

जिस तरह काँटे आपके पैरों में चुभकर आपको चोट पहुंचा सकते हैं और आपको आगे जाने से रोक सकते हैं,  उसी तरह बुरे या दुष्ट लोग आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं और आपके success के रस्ते में रुकावट बन सकते हैं । 

उनके पास रहोगे तो यह आपको हर हाल में नुकसान पहुंचाएंगे | इसलिए कोई चीज या व्यक्ति अगर नुकसानदायक हैं तो उनका दमन करना बुद्धिमान व्यक्ति का परिचय है | लेकिन अगर आप उनसे निपट नहीं सकते तो उनसे दूर रहना ही बेहतर है | 

जिस तरह एक शिकारी, हिरण का शिकार करने के लिए मीठे सुरों में गीत गाता है, उसी तरह अगर किसी इंसान से आपको अपना काम निकलवाना हो उससे प्यार से बात करें । 

आचार्य चाणक्य की यह बातें हर इंसान के लिए फ़ायदेमंद हैं | इस नीति को हर कोई मानकर चलें तो फिर वह कुछ भी हासिल कर सकता है | 

अगर आपको किसी से कोई मदद चाहिये हो तो उनसे अच्छी – अच्छी बातें कीजिए | इंसान हमेशा से खुद की तारीफ़ सुनना पसंद करता है | 

तो अगर आपको किसी से कोई काम निकलवाना हो या किसी से कोई Favour चाहिए हो तो बेझिझक उनकी तारीफ़ कीजिए या फिर वह इंसान जो सुनना पसंद करता है उनसे वही बात कीजिये | 

हो सकता है कि आप उस इंसान को पसंद ना करते हो, पर क्योंकि बात यहाँ आपके मतलब की है, इसलिए आप सामनेवाले से बिलकुल Politely behave करें । 

जैसे कि शिकारी हिरण को आपने जाल में फांसने कि लिये, सुरीली धुन को अपना हथियार बनाता है, वैसे ही आप भी मीठी बातों को अपना हथियार बनाये | इससे उस आदमी को कोई नुकसान नहीं होगा, पर आपको फायदा ज़रुर होगा |

Money plays a very significant role in human life. On having money the person is given respect, considered wise, and is preferred by women.

पैसा इंसान के जीवन में एक important role निभाता है | पैसे के होने से इंसान की जिंदगी आसान हो जाती है |  साथ ही साथ समाज में उसे एक ऊंचा दर्जा दिया जाता है और Women भी पैसेवाले लोगों को ज्यादा पसंद करती हैं |  

जैसे आप शादी को ही देख लीजिए | किसी भी लड़की का अपनी शादी को लेकर और कोई thought हो ना हो, वह यह जरूर चाहती है उसके पति Income की अच्छी हो |  

क्योंकि पैसों से ही जीवन के सारे ऐशो – आराम मिल सकते है |  इसीलिए गुरु चाणक्य ने,  पैसों के बारे में ऐसा कहा है |  अगर आपके पास पैसा नहीं हैं,  तो कोई आपके आसपास भी नहीं आएगा |  

और अगर आप धनवान हैं,  तो आपके आसपास आपके चाहनेवालों की लाइन लगी रहेगी | यह हमारी Society का कड़वा सच हैं |

Do not keep company with a fool for as we can see he is a – two-legged beast, like an unseen thorn pierces the heart with his sharp words.

एक मूर्ख व्यक्ति से हमें कभी भी दोस्ती नहीं करनी चाहिए | क्योंकि वह एक ऐसे दो पैरों वाले पशु की तरह है जो अपने बेवकूफी भरे तीखी बातों से आपके दिल को चोट पहुँचता है, जैसे कोई काँटा शरीर में घुसकर शरीर को चोट पहुँचता है । 

ज्ञान की कमी के कारण वह इन्सान आपकी सोच को कभी नहीं समझ पाएगा |  बल्कि वह आपकी बातों को कुछ और समझ लेगा और आपको अपनी छोटी सोच से अपमानित करेगा | 

इसलिये अगर आप मुर्ख व्यक्ति को कोई बात कहते भी हैं तो वह उस बात का मतलब अपने हिसाब से निकल लेगा और आपको दुःख पहुंचाएगा | 

इसलिये आचार्य चाणक्य ने कहा है कि दोस्ती हमेशा अपने बराबर वालों के साथ करनी चाहिए | जो आपकी सोच को पूरी तरह समझता हो वही आपके दोस्ती के लायक हैं | 

अगर किसी मूर्ख व्यक्ति से आप दोस्ती करेंगे तो अपमान या दुःख के अलावा आपको कुछ नहीं मिलेगा |

Do not put your trust in a bad companion nor even trust an ordinary friend, for if he should get angry with you, he may bring all your secrets to light.

गुरु चाणक्य ने यहाँ बताया है कि कभी भी किसी बुरे साथी या फिर किसी ordinary friend पर ज्यादा Trust न करें और उसके साथ अपने secrets share ना करें |  

क्योंकि  अगर वह friend आपसे रुठ जाए तो  आपके जीवन के secrets वह दूसरों को बता देगा | यह बात हमारे जीवन में काफी importance रखती है |  हर एक इंसान के जीवन में अपने कुछ secrets होते हैं |  हम हमारे जीवन के यह secrets किसी एक friend को बताते हैं |  

क्योंकि अपने friend से यह बातें share करके हमें relief मिलता हैं |  जीवन के इस मोड़ पर ही हम बहुत बड़ी गलती करते हैं |  किस friend से सारे secrets share किए जा सकते हैं यह हमें पहले सोच लेना चाहिए |  क्योंकि हर कोई reliable हो ऐसा नहीं हैं |  

LIfe में कुछ friend ऐसे भी होते हैं जो बस अपने फायदे के लिए हमसे मिलते हैं |  अगर ऐसे friend से हम अपने secrets share करते हैं तो वह मित्र इसी secret को अपना हथियार बना सकते हैं |  

और कभी भी अगर वह हमसे किसी बात पर रुठ जाए तो यही secrets,  वह दूसरों को बता कर दूसरों के सामने हमें नीचा दिखा सकते हैं |  

ऐसा करके उन्हें शायद कोई फायदा नहीं होगा,  मगर खुशी ज़रूर मिलेगी | इसीलिए चाणक्य ने कहा है कि अपने मित्र ध्यान से चुने |  

जीवन में हर कोई मित्र बन सकता हैं,  मगर सब के साथ अपनी Life के secrets share नहीं किए जा सकते |

 

Learn from the mistakes of others, you can’t live long enough to make them all yourselves.

चाणक्य के अनुसार हमेशा दूसरों की ग़लतियों से सीखें क्योंकि आपके पास इतना समय नहीं है कि सारी ग़लतियाँ आप खुद करें और फिर उनसे सबक ले | 

अगर आप ऐसा सोचते हैं कि जीवन के सारे सबक आप अपनी ही ग़लतियों से सीखेंगे तो आप बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं | 

अगर आप अपनी ग़लतियों से सीखने जाएंगे तो जिस उम्र में जाकर आपको पता लगेगा कि आपने कुछ भी सीखा हैं, उस उम्र में आप कुछ करने के लायक नहीं रहेंगे | 

और इंसानों में ग़लतियाँ भी ज्यादातर common ही होती हैं | हर एक उम्र के लोग अपने – अपने उम्र के हिसाब से ग़लतियाँ करते हैं |  

दूसरों की ग़लतियों से सबक लें और अपने जीवन में उस गलती को ना दोहराए | आचार्य चाणक्य की इस नीति को अगर आप follow करें तो आप बेशक एक successful इंसान बन सकते हैं और आपकी life भी आसान और comfortable होगी |

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